Mines And Minerals (Development And Regulation) Act, 1957 (No. 67 of 1957)

Power to modify mining leases granted before 25th October, 1949.

(1) (a) MMRD Amendment Act 1972 के पहले के सारे माइनिंग लीज, अगर MMRD Amendment Act 1994 तक लागू हो तो भी इस एक्ट के समरूप 2 वर्ष के अंदर लाया जाएगा या सेंट्रल गवर्नमेंट के द्वारा निर्धारित अवधि के अंदर लाया जाएगा ।
(b) MMRD Amendment Act 1972 के पहले के माइनिंग लीज, 25th Oct 1949 के बाद के माइनिंग लीज को इस एक्ट के समरूप में लाया जाएगा, MMRD Amendment Act 1994 के 2 वर्ष के अंदर या सेंट्रल गवर्नमेंट के द्वारा निर्धारित अवधि के अंदर ।
(1A) जब conformity में लाया जाता है तब s-8 के बावजूद भी लीज 2 साल तक वैध रहेगा ।
(2) सेंट्रल गवर्मेंट सबसेक्शन 1 को प्रभाव में लाने के लिए रूल बना सकता है जिसमें:
(a) पूर्व नोटिस for modification या alteration proposed in existing ML to the lessee and where the lessor is not Central Govt., also to the lessor and for affording him opportunity of showing cause against the proposal.
(b) for the payment of compensation to the lessee in respect of the reduction of any area covered by the existing ML &
(c) for the principles on which, the manner in which, and the authority by which, the said compensation shall be determined.


Special powers of Central Government to undertake prospecting or mining operations in certain lands.

(1) (a) The provisions of this section shall apply in respect of land in which the minerals vest in the Government of a State or any other person.
यानी कि मिनरल सरकारी जमीन या प्राइवेट जमीन पर हो तब यह प्रोविजन लागू होगा.
(2) सेंट्रल गवर्नमेंट, राज्य सरकार से कंसल्ट करके, R, P, or ML क्या हुआ नहीं हो और जहां इस तरह का प्रस्ताव करती है वहां के लिए नोटिफिकेशन निकाल कर यह सब बताएगी कि
(a) specify the boundaries of such area;
(b) state whether reconnaissance, prospecting or mining operations will be carried out in the area; and
(c) specify the mineral or minerals in respect of which such operations will be carried out.
(3) सेंट्रल गवर्नमेंट, राज्य सरकार को इन सब ऑपरेशन करने के लिए रॉयल्टी, फी, रेंट आदि देगी जैसा किसी प्राइवेट पर्सन को देना पड़ता।
(4) सेंट्रल गवर्नमेंट इस पावर का इस्तेमाल करने के लिए स्टेट गवर्मेंट से कंसल्ट करने के बाद नोटिफिकेशन इन ऑफिसियल गजट निकालेगी की उस जमीन के लिए अब RP, PL or ML नहीं दिया जाएगा ।

Reservation of areas for purposes of conservation.

(1) (a) सेंट्रल गवर्नमेंट, मिनरल को कंजर्व करने के लिए स्टेट गवर्मेंट से कंसल्ट करने के बाद और जो किसी को नहीं दिया गया है, ऑफिशियल गजट में नोटिफिकेशन निकाल सकता है कि वह एरिया रिजर्व रखा जाए।
(1A) जमीन दखल करने का काम सेंट्रल गवर्मेंट, Govt company or corporation owned or controlled by it के जरिए सकता है ।
(2) State Govt., Govt company or corporation के जरिए Central Govt. से अप्रूवल लेने के बाद प्रोस्पेक्टिंग और माइनिंग ऑपरेशन के लिए कोई एरिया रिजर्व कर सकती है जिसमें पहले किसी को प्रोस्पेक्टिंग लाइसेंस या माइनिंग लीज नहीं दिया गया हो ।
और जिस एरिया के लिए प्रपोज करती है उसके लिए नोटिफिकेशन ऑफिशियल गजट में प्रकाशित करके specify the boundaries of such area and the mineral or minerals in respect of which such areas will be reserved.
(2A) सेंट्रल गवर्नमेंट या अपडेट गवर्मेंट सबसेक्शन 1a या 2 FREE TRIAL EXPIREDके माध्यम से पावर इस्तेमाल करती है राज्य सरकार वैसे गवर्नमेंट कंपनी या ऑर्गेनाइजेशन को PL या ML प्रदान कर देगी ।
Part B के मिनरल के केस में पूर्व अप्रूवल ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट के बाद ही देगी ।
(2B) Where the Government company or corporation is desirous of carrying out the  prospecting operations or mining operations in a joint venture with other persons, the joint  venture partner shall be selected through a competitive process, and such Government  company or corporation shall hold more than seventy-four percent (74%) of the paid up share  capital in such joint venture.
(2C) A mining lease granted to a Government company or corporation, or a joint venture,  referred to in sub-sections (2A) and (2B), shall be granted on payment of such amount as  may be prescribed by the Central Government.
यानी कि माइनिंग लीज (ML) grant करने के लिए सेंट्रल गवर्मेंट निर्धारित पेमेंट लेगी।
(3) अगर सेंट्रल गवर्नमेंट या स्टेट गवर्मेंट (राज्य सरकार) प्रोस्पेक्टिंग या माइनिंग ऑपरेशन करता है उस जगह पर जहां मिनरल वेस्ट in प्राइवेट पर्सन हो तब उसे स्टेट गवर्मेंट को प्रोस्पेक्टिंग फीस, रॉयल्टी, सरफेस रेंट, और डेड रेंट समय-समय पर जमा करना होगा, जैसा कि प्राइवेट पर्सन को देना पड़ता।